प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत बिहार के जमुई संसदीय क्षेत्र में 11 जन औषधि केंद्र (जेएके) खोले गए हैं। इनमें से एक केंद्र वित्त वर्ष 2025-26 में खोला गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, उक्त क्षेत्र में स्थित जन औषधि केंद्रों ने 31 दिसंबर 2025 तक 1.86 करोड़ रुपये का बिक्री कारोबार दर्ज किया है।
जमुई निर्वाचन क्षेत्र में कार्यरत 11 जन औषधि केंद्रों में से किसी भी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति उद्यमी से 31 दिसंबर 2025 तक एकमुश्त विशेष प्रोत्साहन के लिए कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है।
जन औषधि केंद्रों (जेएके) में आवश्यक मधुमेह और रक्तचाप की दवाओं सहित दवाओं की प्रभावी और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं :
- सितंबर 2024 से, जन औषधि केंद्रों (जेएके) को योजना के अंतर्गत शीर्ष 100 बिकने वाली दवाओं और बाजार में तेजी से बिकने वाली 100 दवाओं सहित 200 आम तौर पर इस्तेमाल होने वाली दवाओं को स्टॉक में रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जिसके तहत जेएके के मालिक इन दवाओं के अपने स्टॉक के आधार पर मासिक प्रोत्साहन के पात्र हैं।
- II. एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली को जोड़ने के लिए एक संपूर्ण सूचना प्रौद्योगिकी- सक्षम आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली स्थापित की गई है, जिसमें 5 गोदाम और देश भर में वितरकों का बढ़ता नेटवर्क शामिल है।
- इसके अतिरिक्त, आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, योजना कार्यान्वयन एजेंसी {फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई)} द्वारा 400 तेजी से बिकने वाले उत्पादों की नियमित रूप से निगरानी की जाती है और इनकी मांग का निरंतर पूर्वानुमान लगाया जाता है। साथ ही, खरीद प्रक्रिया को बढ़ाने के लिए पूर्वानुमान पद्धति को डिजिटाइज़ करने के लिए कदम उठाए गए हैं।
केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने 13 फरवरी को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
O News