प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान एस्टोनिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री अलार करिस से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री श्री मोदी और राष्ट्रपति करिस ने पिछले वर्ष पेरिस में एआई एक्शन समिट के दौरान हुई अपनी मुलाकात को गर्मजोशी से याद किया। दोनों नेताओं ने लोकतंत्र और कानून के शासन के साझा मूल्यों तथा अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के साझा लक्ष्यों पर आधारित भारत-एस्टोनिया संबंधों को और आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने जनवरी 2026 में 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के सफल समापन के साथ भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में आई महत्वपूर्ण रणनीतिक प्रगति का स्वागत किया।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की, विशेष रूप से आईटी और डिजिटलीकरण में चल रहे सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने भविष्य की प्रौद्योगिकियों, ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, स्टार्टअप और शिक्षा एवं कौशल विकास सहित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने क्लीन एनर्जी और स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने भारत और एस्टोनिया के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों और पारस्परिक जन-संपर्क पर संतोष व्यक्त किया। राष्ट्रपति करिस ने एस्टोनिया में भारतीय पेशेवरों के योगदान की सराहना की और दोनों पक्ष टैलेंट मोबिलिटी तथा पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में मिलकर काम करने पर सहमत हुए।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन के दौरान क्रोएशिया के प्रधानमंत्री महामहिम आंद्रे प्लेनकोविच से भेंट की।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर महामहिम आंद्रे प्लेनकोविच 18-21 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए हैं। यह किसी भी क्रोएशियाई प्रधानमंत्री की भारत की पहली यात्रा है। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संपर्क सुविधा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बारे में उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए समझौते के शीघ्र कार्यान्वयन का आग्रह किया। पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने दोनों देशों के लोगों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने योग और आयुर्वेद की भारत की स्वास्थ्य संबंधी परंपरा में क्रोएशिया की रुचि और विश्वास की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री मोदी ने जून 2025 में क्रोएशिया की ऐतिहासिक यात्रा की थी, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली यात्रा थी।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान सर्बिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम अलेक्जेंडर वुसिक के साथ द्विपक्षीय बैठक की
प्रधानमंत्री ने एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रपति वुसिक को धन्यवाद दिया। उन्होंने 2017 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति वुसिक की पिछली भारत यात्रा और नवंबर 2023 में वर्चुअली आयोजित दूसरे वॉयस ऑफ़ द ग्लोबल साउथ समिट में उनके भाग लेने को भी स्मरण किया।
दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, एआई, फिन-टेक, शिक्षा, कृषि और लोगों के बीच आदान-प्रदान में द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने आपसी लाभ के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर एक-दूसरे के समर्थन की प्रशंसा की।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन के दौरान कजाकिस्तान गणराज्य के प्रधानमंत्री महामहिम श्री ओल्शाज बेक्तेनोफ से भेंट की।
प्रधानमंत्री मोदी ने एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री बेक्तेनोफ की भागीदारी की प्रशंसा की, जो सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता रेखांकित करती है। दोनों नेताओं ने राजनीतिक, व्यापार, रक्षा एवं सुरक्षा, संपर्क सुविधा, ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकियों और लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। श्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर अलग-अलग पोस्ट में लिखा: “प्रधानमंत्री ओल्शाज बेक्तेनोफ के साथ आज मेरी भेंट हुई। उनकी यात्रा भारत-कजाकिस्तान रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करेगी। दोनो देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, रक्षा, संपर्क सुविधा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। हम अपनी मित्रता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।”
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भूटान के प्रधानमंत्री महामहिम शेरिंग तोबगे से मुलाकात की, जो भारत-एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा पर हैं।
बैठक के दौरान, दोनों राजनेताओं ने नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की भूटान की अत्यंत सफल यात्रा के परिणामों पर निर्मित, सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री तोबगे ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के साथ-साथ गेलेफु माइंडफुलनेस सिटी परियोजना में भारत के समर्थन पर प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने ऊर्जा, परिवहन-संपर्क और विकास साझेदारी के प्राथमिक क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत और भूटान दोनों द्वारा विकास और समृद्धि के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर अधिक जोर देने के अनुरूप, दोनों प्रधानमंत्रियों ने एआई और डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुभव और विशेषज्ञता को आपस में साझा करने के साथ-साथ एआई समाधानों के संयुक्त विकास के माध्यम से सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
भारत और भूटान विश्वास, सद्भाव और समझ पर आधारित मित्रता और सहयोग के अनूठे संबंध रखते हैं। भूटान के प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत और भूटान के बीच नियमित उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा के अनुरूप है।
एक्स पर अपने अलग-अलग पोस्ट में, श्री मोदी ने लिखा: “पीएम शेरिंग तोबगे के साथ बैठक शानदार रही। हमने चर्चा की कि हम एआई की शक्ति का उपयोग वैश्विक कल्याण और सतत विकास के सिद्धांतों के अनुरूप कैसे कर सकते हैं।”
हमारी स्थायी भारत-भूटान मित्रता, जो पारस्परिक विश्वास, सद्भाव और हमारे लोगों के आपसी घनिष्ठ संबंधों में निहित है, हमारी साझेदारी का नए और रूपांतरकारी क्षेत्रों में मार्गदर्शन करती रही है।
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फिनलैंड के प्रधानमंत्री श्री पेटेरी ओर्पो ने दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।
दोनों देशों का लक्ष्य आपसी व्यापार को दोगुना करना है, जिससे आर्थिक संबंधों को एक मजबूत प्रोत्साहन मिले। दोनों नेताओं ने 6जी, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, जैव ईंधन, चक्रीय अर्थव्यवस्था जैसी भविष्योन्मुखी प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
श्री मोदी ने ‘एक्स’ पर अलग-अलग पोस्ट में कहा: “फिनलैंड के प्रधानमंत्री श्री पेटेरी ओर्पो के साथ व्यापक चर्चा हुई। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के लिए उनके व्यक्तिगत समर्थन हेतु मैंने उन्हें धन्यवाद दिया, जो भारत-यूरोप संबंधों में एक ‘स्वर्णिम युग’ की शुरुआत करेगा। भारत और फिनलैंड ने आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा, जिससे आर्थिक संबंधों को मजबूत प्रोत्साहन मिलेगा। हमने 6जी नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, जैव ईंधन चक्रीय अर्थव्यवस्था जैसी भविष्योन्मुखी प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।
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