Breaking News

Tag Archives: latest updates

जर्मन व्यवसायों के 18वें एशिया पैसिफ़िक सम्मेलन (एपीके 2024) में प्रधान मंत्री का मुख्य संबोधन।

Excellency चांसलर शोल्ज़, वाइस चांसलर डॉक्टर रॉबर्ट हाबेक, भारत सरकार के मंत्रीगण, एशिया पैसिफ़िक कमिटी ऑफ़ जर्मन बिज़नेस के चेयरमैन डॉक्टर बुश, भारत, जर्मनी और इंडो-पसिफ़िक देशों के industry leaders, देवियों और सज्जनों ! नमस्कार। गुटन टाग ! साथियों, 25 अक्टूबर का दिन बहुत विशेष है। मेरे मित्र चांसलर शोल्ज़, चौथी बार भारत आए हैं। पहले मेयर के रूप में …

Read More »

राष्ट्रपति ने एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 25 अक्टूबर को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स को कम खर्च में अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने के लिए जाना जाता है। लोगों का विश्वास एम्स से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि बड़ी संख्या …

Read More »

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के अंतर्गत वर्तमान ऋण सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया गया।

केंद्रीय वित्त मंत्री की 23 जुलाई, 2024 को केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषणा के अनुरूप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत मुद्रा ऋण की मौजूदा सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। यह वृद्धि मुद्रा योजना के समग्र उद्देश्य को प्रोत्साहन देने की एक और सकारात्मक पहल है। यह वृद्धि विशेष रूप से उभरते उद्यमियों के लिए लाभकारी है, जिससे उन्हें विकास और …

Read More »

प्रधानमंत्री ने 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज कजान में रूस की अध्यक्षता में आयोजित 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया। ब्रिक्स नेताओं ने बहुपक्षवाद को मजबूत करने, आतंकवाद का मुकाबला करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, सतत विकास को आगे बढ़ाने और ग्लोबल साउथ की चिताओं पर ध्यान केंद्रित करने सहित कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की। इन नेताओं ने …

Read More »

16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री की चीन जनवादी गणराज्य के राष्ट्रपति श्री शी जिनपिंग के साथ बैठक।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 23 अक्टूबर 2024 को कजान में आयोजित 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर चीन जनवादी गणराज्य के राष्ट्रपति श्री शी जिनपिंग से मुलाकात की। भारत-चीन सीमा क्षेत्रों पर दोनों देशों की सेनाओं के पूर्ण रूप से पीछे हटने और 2020 में उभरी समस्याओं के समाधान के लिए हाल के समझौते का स्वागत करते हुए, …

Read More »

चक्रवात ‘दाना’ की आशंका को देखते हुए, पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण ने संसाधन जुटाए, आश्रय स्थल बनाए, तथा जीवन और परिचालन की सुरक्षा के लिए आपातकालीन निकासी की तैयारी की।

चक्रवात ‘दाना’ के आने से पहले, पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण ने संभावित व्यवधानों को कम करने के लिए दवाओं, भोजन की आपूर्ति और जहाजों के सुरक्षित स्थानांतरण सहित एहतियाती उपाय लागू किए चक्रवात “दाना” जिसके 24 और 25 अक्टूबर, 2024 को पारादीप बंदरगाह को प्रभावित करने की आशंका की संभावना को देखते हुए, पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण ने सुरक्षा सुनिश्चित करने और …

Read More »

वनों के संरक्षण के लिए निधि।

नवीनतम भारत वन स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर)-2021 के अनुसार , देश का कुल वन क्षेत्र 7,13,789 वर्ग किलोमीटर है जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 21.71 प्रतिशत है। यह रिपोर्ट देहरादून स्थित भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) द्वारा प्रकाशित की गई है। महाराष्ट्र सहित देश के कुल वन क्षेत्र का राज्यवार विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है। सरकार ने, हरित भारत के लिए राष्ट्रीय मिशन (जीआईएम), वन्यजीव आवासों का एकीकृत विकास, प्रतिपूरक वनीकरण निधि …

Read More »

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पिछले 7 वर्षों के दौरान ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत 84,119 बच्चों को बचाया

पिछले सात वर्षों में, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ‘नन्हे फरिश्ते’ नामक एक ऑपरेशन में अग्रणी रहा है। यह एक मिशन जो विभिन्न भारतीय रेलवे जोनों में पीड़ित बच्चों को बचाने के लिए समर्पित है। पिछले सात वर्षों (2018-मई 2024) के दौरान, आरपीएफ ने स्टेशनों और ट्रेनों में खतरे में पड़े या खतरे में पड़ने से 84,119 बच्चों को  बचाया है। ‘नन्हे फरिश्ते’ सिर्फ एक ऑपरेशन से कहीं अधिक है; यह उन हजारों बच्चों के लिए एक जीवन रेखा है जो खुद को अनिश्चित परिस्थितियों में पाते हैं। 2018 से 2024 तक का डेटा, अटूट समर्पण, अनुकूलनशीलता और संघर्ष क्षमता की कहानी दर्शाता है। प्रत्येक बचाव समाज के सबसे असुरक्षित सदस्यों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ की प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है। वर्ष 2018 में ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ की महत्वपूर्ण शुरुआत हुई। इस वर्ष, आरपीएफ ने कुल 17,112 पीड़ित बच्चों को बचाया, जिनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं। बचाए गए 17,112 बच्चों में से 13,187 बच्चों की पहचान भागे हुए बच्चों के रूप में की गई, 2105 लापता पाए गए, 1091 बच्चे बिछड़े हुए, 400 बच्चे निराश्रित, 87 अपहृत, 78 मानसिक रूप से विक्षिप्त और 131 बेघर बच्चे पाए गए। वर्ष 2018 में इस तरह की पहल की तत्काल आवश्यकता को उजागर करते हुए ऑपरेशन के लिए एक मजबूत नींव रखी गई। वर्ष 2019 के दौरान, आरपीएफ के प्रयास लगातार सफल रहे और लड़कों और लड़कियों दोनों सहित कुल 15,932 बच्चों को बचाया गया। बचाए गए 15,932 बच्चों में से 12,708 भागे हुए, 1454 लापता, 1036 बिछड़े हुए, 350 निराश्रित, 56 अपहृत, 123 मानसिक रूप से विक्षिप्त और 171 बेघर बच्चों के रूप में पहचाने गए। वर्ष 2020 कोविड महामारी के कारण चुनौतीपूर्ण था, जिसने सामान्य जीवन को बाधित किया और परिचालन पर काफी प्रभाव डाला। इन चुनौतियों के बावजूद, आरपीएफ 5,011 बच्चों को बचाने में कामयाब रही। वर्ष 2021 के दौरान, आरपीएफ ने अपने बचाव कार्यों में पुनरुत्थान देखा, जिससे 11,907 बच्चों को बचाया गया। इस वर्ष पाए गए और संरक्षित किए गए बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिसमें 9601 बच्चों की पहचान भागे हुए के रूप में, 961 लापता के रूप में, 648 बिछड़े हुए, 370 निराश्रित, 78 अपहृत, 82 मानसिक रूप से विकलांग और 123 बेघर बच्चों के रूप में पहचाने गए। वर्ष 2023 के दौरान, आरपीएफ 11,794 बच्चों को बचाने में सफल रही। इनमें से 8916 बच्चे घर से भागे हुए थे, 986 लापता थे, 1055 बिछड़े हुए थे, 236 निराश्रित थे, 156 अपहृत थे, 112 मानसिक रूप से विकलांग थे, और 237 बेघर बच्चे थे। आरपीएफ ने इन असुरक्षित बच्चों की सुरक्षा और उनकी अच्छी देखभाल करने में महत्वपूर्ण …

Read More »