पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 1 जुलाई से सभी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के खुदरा बिक्री पर लगी अस्थायी रोक को वापस ले लिया है।

जैसा की आप जानते है की ईरान सकंट के कारण हुए पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों को स्थिर बनाए रखकर खुदरा उपभोक्ताओं को इंटरनेशनल फ्यूल कीमतों में हुई तीव्र वृद्धि से बचना जारी रखा। इसके परिणामस्वरूप खुदरा ईंधन कीमतों और थोक उपभोक्ताओं के लिए लागु कीमतों में कभी अंतर आ गया। इसके फलस्वरूप बाजार में हेराफेरी, जमाखोरी और कालाबाज़ारी की घटनाये हुई और ईंधन के सामान वितरण पर असर पड़ा।
देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के बाद सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है की जनहित में अस्थायी नियामक उपायों की अब आवश्यकता नहीं है। तदनुसार, दिनांक 12 जून का आदेश जिसमे प्रति ग्राहक/ वाहन प्रतिदिन 200 लीटर हाई स्पीड डीजल की अस्थायी सीमा निर्धारित की गयी को 1 जुलाई से वापस लिया गया है।
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Source : PIIB
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