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16 जुलाई को विश्व सर्प दिवस राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, नई दिल्ली ने मनाया।

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, नई दिल्ली ने 16 जुलाई को विश्व सर्प दिवस के अवसर पर एक व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य आगंतुकों को सांपों केइकोसिस्टम के महत्व के बारे में शिक्षित करना था।

इस कार्यक्रम में 100 से अधिक आगंतुकों ने भाग लिया, जिनमें छात्र, परिवार और वन्यजीव प्रेमी शामिल थे। कार्यक्रम में इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य प्रतिभागियों को दुनिया भर में पाई जाने वाली सांपों की प्रजातियों की विविधता से परिचित कराना था, जिसमें भारत में पाए जाने वाले विषैले साँपों पर विशेष जोर दिया गया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य सांपों से जुड़े आम मिथकों और गलत धारणाओं को दूर करना था। सूचनाप्रद वार्ता के माध्यम से, आगंतुकों को इकोसिस्टम के संतुलन को बनाए रखने में सांपों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में अवगत कराया गया – विशेष रूप से कृषि इकोसिस्टम प्रणालियों में, जहां वे फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कृन्तकों की आबादी को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और इस प्रकार फसल संरक्षण और खाद्य सुरक्षा में योगदान देते हैं।

इसके अलावा, कार्यक्रम में सर्पदंश के प्रति आपातकालीन प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें समय पर चिकित्सा सहायता के महत्व और पारंपरिक लेकिन अप्रभावी उपचार से बचने के बारे में जानकारी शामिल थी।

आगंतुकों को चिड़ियाघर के सर्प संरक्षण बाड़े के कर्मचारियों के साथ बातचीत करने का भी अवसर मिला, जिन्होंने सांपों की दैनिक देखभाल औरउनके प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। साथ ही उनकी भोजन की आदतें, शीतनिद्रा पैटर्न और प्रजनन ऋतु जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिससे अक्सर खतरनाक समझे जाने वाले इन सरीसृपों की प्रकृति और व्यवहार को समझने में मदद मिली।

यह जागरूकता कार्यक्रम, शिक्षा और सार्वजनिक सहभागिता के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय प्राणि उद्यान के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। सांपों के प्रति अधिक समझ और सम्मान को बढ़ावा देकर, इस पहल का उद्देश्य इनके प्रति अतार्किक भय को कम करना और इकोसिस्टम के इन महत्वपूर्ण सदस्यों के साथ सह-अस्तित्व को प्रोत्साहित करना है।

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