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केंद्रीय वस्त्र एवं विदेश राज्य मंत्री श्री पाबित्रा मार्गेरीटा ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में केंद्रीय रेशम बोर्ड (सीएसबी) के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन – सिल्कटेक 2025 का उद्घाटन किया केंद्रीय रेशम बोर्ड ने रेशम क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों पर – सिल्कटेक-2025 आयोजित किया वस्त्र राज्य मंत्री ने रेशम उत्पाद मूल्य श्रृंखला में शून्य अपशिष्ट प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल का उल्लेख किया केंद्रीय रेशम बोर्ड के अनुसंधान एवं विकास संस्थान और अन्य अनुसंधान एवं विकास संगठनों तथा गैर सरकारी संगठनों के बीच छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए वस्त्र राज्य मंत्री ने रेशम क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों पर दो स्मारिका सह सार पुस्तिका का विमोचन किया

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वस्त्र एवं विदेश राज्य मंत्री श्री पाबित्रा मार्गेरीटा ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में मेगा टेक्सटाइल इवेंट – भारत टेक्स 2025 के एक भाग के रूप में केंद्रीय रेशम बोर्ड के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन – सिल्कटेक 2025 का उद्घाटन किया। वस्त्र सचिव श्रीमती नीलम शमी राव भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। सीएसबी-केंद्रीय टसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रांची और सीएसबी-केंद्रीय रेशम प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसटीआरआई) ने रेशम क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियां – सिल्कटेक 2025 पर इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।

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वस्त्र राज्य मंत्री श्री पाबित्रा मार्गेरीटा ने पूर्वोत्तर राज्यों के विशिष्ट मुगा और एरी रेशम का उल्लेख किया। रेशम उत्पाद मूल्य श्रृंखला में शून्य अपशिष्ट प्रौद्योगिकी को रेखांकित करते हुए उन्होंने गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और सहयोग द्वारा वस्त्रों का उत्पादन और निर्यात तीन गुना बढ़ाने के माननीय प्रधानमंत्री के आह्वान का हवाला दिया।

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वस्त्र सचिव श्रीमती नीलम शमी राव ने रेशम उद्योग के विकास के लिए एकीकृत योजना रेशम समग्र के कार्यान्वयन से रेशम उत्पादन में आये उल्लेखनीय बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने उन्नत प्रौद्योगिकियों द्वारा रेशम के सह-उत्पादों के उपयोग को भी बढ़ावा देने की बात कही।

सम्मेलन के दौरान श्री मार्गेरीटा ने रेशम क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों पर दो स्मारिका सह सार पुस्तिका – सिल्कटेक 2025 और प्रद्यौगिकी विवरणक का भी विमोचन किया। इस अवसर पर अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने केंद्रीय रेशम बोर्ड के अन्य प्रकाशनों का विमोचन किया। सम्मेलन के दौरान, केंद्रीय रेशम बोर्ड के अनुसंधान एवं विकास संस्थान और अन्य अनुसंधान एवं विकास संगठनों तथा गैर सरकारी संगठनों के बीच छह समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

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सम्मेलन में वस्त्र उद्योग के अलावा सौंदर्य प्रसाधन, फार्मा आदि क्षेत्रों में रेशम के इस्तेमाल और प्रचार-प्रसार पर ध्यान केंद्रित किया गया तथा भारत को आत्मनिर्भर बनाने में रेशम उत्पाद श्रृंखला में वैश्विक बाजार के रुझान और सतत नवाचारों पर जोर देते हुए रेशम की गुणवत्ता बढ़ाने में उन्नत प्रौद्योगिकियों पर बल दिया गया।

कार्यक्रम में संयुक्त सचिव (फाइबर) श्रीमती प्राजक्ता एल. वर्मा, वस्त्र मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्री अजय गुप्ता और केंद्रीय रेशम बोर्ड के सदस्य सचिव श्री पी. शिवकुमार उपस्थित थे।

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